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शेखर अस्तित्व के आगमन पर सम्मान गोष्ठी

सुखद मुलाकात

मुम्बई फ़िल्म इंडस्ट्री के उभरते गीतकार बालाघाट निवासी श्री शेखर अस्तित्व जी के बालाघाट आगमन पर होटल मल्लिकार्जुन में संयोग कोचर जी के सौजन्य से सहमत संस्था द्वारा एक सम्मान एवं गोष्ठी आयोजित की गई।
संजू सहित कई फिल्मों के हिट गीत लिखने वाले शेखर अस्तित्व जी को सुदेसी फ़िल्म के गीतकार जिन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार मिला है।
मुम्बई फ़िल्म इंडस्ट्री के उभरते गीतकार बालाघाट निवासी श्री शेखर अस्तित्व जी का कल 13 मई को बालाघाट आगमन पर होटल मल्लिकार्जुन में बालाघाट के साहित्यकारों द्वारा सम्मान किया गया। संजू सहित कई फिल्मों के हिट गीत लिखने वाले शेखर अस्तित्व जी को सुदेसी फ़िल्म के गीतकार जिन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार मिला है।
विशेष:- वामनराव गजभिए एवं इंदुमती गजभिए के पुत्र शेखर अस्तित्व ने अपनी पढ़ाई प्राथमिक शाला सरेखा एवं गवर्नमेंट स्कूल बालाघाट से की है। स्कूल जीवन से ही कविता लेखन एवं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले शेखर ने स्कूल, जिला, सम्भाग और प्रदेश स्तर पर गव्हर्नमेंट स्कूल का प्रतिनिधित्व किया। विद्यार्थी जीवन से ही विभिन्न स्थानीय और राष्ट्रीय समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित हुई तो लेखन में और मन रम गया। और धीरे धीरे अखिल भारतीय मंचो से कविता पाठ करने लगे। स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शेखर अस्तित्व विगत 15 वर्षों से मायानगरी मुम्बई में निरन्तर लेखन में सक्रिय शेखर अस्तित्व रामायण, जय श्रीकृष्णा, मीरा, महावीर हनुमान, शनिदेव, बजरंगबली, साईबाबा, महादेव, पोरस, नव्या आदि 27 से ज्यादा मेगा सीरियल्स में गीत लिख चुके हैं। अभी तक 3000 से ज्यादा गीत लिख चुके गीतकार शेखर अस्तित्व ने फिल्म रॉकी हैण्डसम, इश्क क्लिक, माय फ्रेण्ड्स दुल्हनिया सहित अनेक फिल्मों एवं एलबम्स में भी गीत लिखे हैं। संजू के गीत ने उन्हें एक नई बुलंदी प्रदान की है।
इस अवसर पर एक प्रेस वार्ता एवं काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया इस अवसर पर शांति ज्वेलर्स एवं होटल मल्लिकार्जुन के संचालक संयोग कोचर जी नगर की उभरती प्रतिभा सिद्धांत कोचर, जैनम सुराना, अलका चौधरी, प्रवीण मेश्राम जी, राजेन्द्रशुक्ल जी, सुभाष गुप्ता जी, दिनकर जी, सुनील दिपानी जी, कुंजकिशोर विरूलकर जी, हिमांशु जैन जी सरिता सिंघई जी, अनुज तिवारी जी, अमरसिंह ठाकुर जी, राजश्री तिवारी जी सहित अनेक साहित्यकार बंथु उपस्थित रहे।

उनकी लिखी मेरी पसन्दीदा पंक्तियाँ

ये तो अस्तित्व की लड़ाई है,
सर नहीं झुकाओगे तो कमर जाएगी,
मेरी बातों पर इतना ध्यान मत दो,
ध्यान दोगे तो अखर जाएगी।(शेखर अस्तित्व)

डॉ. प्रीति सुराना

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